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Dr. Paul Dhinakaran

आशीषों की बारिश!

Dr. Paul Dhinakaran
19 Oct
मेरे अनमोल मित्र,परमेश्वर कहता है, ‘‘तो मैं तुम्हारे लिए समय समय पर मेंह बरसाऊंगा, तथा भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने अपने फल दिया करेंगे।’’ (लैव्यव्यवस्था 26:4) आज आपके लिए यह परमेश्वर की प्रतिज्ञा और आशीष है। क्या आप को सूखेपन का एहसास है? क्या आप बगैरह आशीष के दुखी हैं? परमेश्वर कहता है, यह सही समय है कि मैं अपनी संतान पर बारिश उण्डेलूं। बाइबल कहती है कि परमेश्वर सब कुछ अपने समय पर करता है। हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय होता है, बोने का समय, उखाडने का समय। (सभोपदेशक 3:1,2) यह हम हमेशा देखते हैं कि परमेश्वर धर्मी और अधर्मी पर अपनी बारिश भेजता है। ‘‘क्योंकि वह धर्मी और अधर्मी दोनों पर मेंह बरसाता है।’’ (मत्ती 5:45) परमेश्वर कहता है मैं आशीषों की वर्षा उण्डेलूंगा। ये आशीषें हमेशा आप पर बनी रहेंगी। इसके लिए तो यीशु ने अपने लहू को एक बारिश और एक नदी की तरह बहाया। यीशु का लहू हर समय उत्तम बातें बोलता है जिससे कि वह आप पर अपनी आशीषों की बारिश बरसाए।

यहेजकेल 34:26 में बाइबल कहती है ‘‘मैं उन्हें और अपनी पहाडी के आसपास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूंगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूंगा; और वे आशीषों की वर्षा होंगी।’’ हां, परमेश्वर आपको आशीष देगा। वह आपके रहने के स्थान को आशीष देगा। वह समय समय पर मेंह बरसाएगा। हम योएल 2:23 पढते हैं, ‘‘हे सिय्योन के लोगो, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिए वह वर्षा, अर्थात बरसात की पहली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।’’ परमेश्वर अगली और पिछली वर्षा जो बरसाएगा। 
बीज बोने के पहले भूमि की तैयारी के लिए अगली वर्षा होती है। उसके बाद फसल बढती है, और अनाज का बढना शुरु होता है जब पिछली बारिश आती है जो भारी होती है। उस वर्षा के बाद अनाज बढता है और अत्यधिक कटनी होती है। हर ऋतु में समय समय पर बीज बोने का और बढने का समय में बारिश आती है। केवल तब ही एक कटनी होती है। परमेश्वर जानता है कि हमें कब वर्षा की जरूरत है। जब आपको जरूरत होगी वह सही समय पर वर्षा को भेजेगा और आप उसे चूकेंगे नहीं। इसलिए मत घबराएं। परमेश्वर के सही समय पर भेजी गई वर्षा के कारण आप बहुतायत की कटनी के द्वारा आप प्रभु की स्तुति करेंगे। 
Prayer:
हे पिता,

मैं आप और आपकी प्रतिज्ञाओं पर भरोसा रखता हूं। हे प्रभु जब मुझे आशीषों की वर्षा की जरूरत होगी तो आप मुझे भेजेंगे। हे प्रभु, आज ही इसे करें। मुझे आदर दिलाएं। मुझे भरपूर आशीषें देने में मदद करें। मेरी मदद करें कि मैं इसलिए मगन हो जाऊं कि आप मुझ पर कृपादृष्टि रखे हुए हैं। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं, आमीन!

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