Loading...
DGS Dhinakaran

पहले प्रभु को खोजे

Bro. D.G.S Dhinakaran
07 Dec
बाइबल में राजा दाऊद के बारे में सबसे प्रतिष्ठित आकडा है। उसका जीवन बहुत ही खुशी और बहुत पीडा से भरा हुआ था। वह कई नामों से जाना जाता था - जयवंत दाऊद, भक्त दाऊद, मधुर गायक दाऊद,चरवाहा दाऊद,और पश्चातापी दाऊद। उनके  जीवन में बडी विशेषताएं थी। परमेश्वर ने उस एक गडरिए को इस्त्राएल का राजा बनाया। दाऊद प्रभु का भय मानता था और अपने जीवन के सभी मार्गों में प्रभु को अपने सामने रखता था। तभी तो जहां जहां वह जाता था वहां वहां परमेश्वर उसको जयवंत करता था। 

एक बार एक परिवार जो मानसिक तनाव में था मुझ से मिलने आया। बहन ने मुझ से कहा, “मेरे पति को दो साल के बाद सेवानिवृत्ति मिलने वाली है परन्तु अब उनके अधिकारियों ने उन्हें उत्तरी क्षेत्र में बदली करना चाहते हैं। हमारा परिवार बहुत चिंतित है यदि वे मद्रास में वापस आएंगे तो हम सब को आनंद प्राप्त होगा। मैं ने उससे पूछा, ‘उसकी बदली का जिम्मेदार कौन है?” उसने कहा कि ‘वह व्यक्ति देश का नेता है।’ ऐसा लगता था कि बहुत ही असम्भव परिस्थिति था। परन्तु मैं ने उसकी बदली के लिए उत्कृटता से उसके लिए प्रार्थना की। एक दिन मुझे नई दिल्ली जाने का मौका मिला। और मेरे रहने का बंदोबस्त एक होटल में किया गया था। अप्रत्याशा से, मुझे एक संदेश मिला कि किसी विशेष विभाग का मंत्री और उसकी पत्नी मुझ से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे थे। मैं उनसे मिला और मुझे उनसे उस भाई की बदली के बारे में बात करने का एक मौका मिला। मंत्री ने उस अफसर का रैंक नम्बर पूछा और उसने मुझ से निश्ंचिंत किया कि एक ही घंटे में वह अफसर चेन्नई में होगा। वास्तव में जैसा उसने कहा ठीक वैसा ही हुआ इस चमत्कार के लिए वो परिवार बहुत ही आनंदित हुआ।
जीवन का वचन

जब आप प्रतिदिन परमेश्वर को खोजेंगे तब वह आपकी हर जरूरतों को पूरा करेगा। आपका व्यस्त जीवन प्रार्थना न करने का एक बहाना नहीं बनना चाहिए। यधपि हमेशा प्रार्थना करने से आलसीपन और बेकार बैठे रहने की वकालत नहीं करता परन्तु यह तो परमेश्वर की उपस्थिति को खोजने और अपने सभी कार्य में उसकी आत्मा के द्वारा अगुवाई करने में वकालत करता है। 

जहां जहां दाऊद जाता था वहां वहां परमेश्वर उसे जयवंत क्यों करता था? साधारण सा उत्तर है कि दाऊद अपने जीवन के सभी कार्यों में प्रभु की उपस्थिति को खोजता था। जब दाऊद ने प्रभु को न खोजा,तो वह व्यभिचार की प्रक्रिया में पडकर गिर गया। इसलिए प्रभु से प्रार्थना करना सर्वोपरि महत्त्वपूर्ण है, जैसे कि ये आपको शैतान की जाल में फंसने से सुरक्षित रखेगा। आज से ही प्रार्थना को अपने जीवन का एक भाग बनाएं। आप न केवल प्रभु के द्वारा आशीष पाएंगे बल्कि उस दुष्ट से भी सुरक्षित रहेंगे। 
Prayer:
हे पिता,

मैं दीन होकर आपके सामने आता/आती हूं और एक खरे जीवन की अगुवाई पाने के लिए आपके अनुग्रह को खोजता/खोजती हूं। मेरी मदद करें कि मैं प्रतिदिन प्रार्थना करूं। संसार की हलचल से जो मेरे चारों तरफ है, मुझे अपने जीवन में आप से दूर रखे। हे प्रभु आपके प्रत्यक्ष ज्ञान से मुझे सिखाएं और मेरे सभी कार्यों में मुझे आशीष दें और जहां जहां दाऊद गया वहां वहां पर आपने उसे जयवंत किया। जैसे दाऊद को आपने आशीष दी,मुझे भी आप आशिषित करें। 

यीशु के नाम में,मैं प्रार्थना करता/करती हूं,

आमीन । 

1800 425 7755 / 044-33 999 000