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Paul Dhinakaran

अपने लिए परमेश्वर की योजना का अनुसरण करें

Dr. Paul Dhinakaran
24 Sep

मेरे अनमोल मित्र, आज की प्रतिज्ञा फिलिप्पियों 2:13 से ली गई है। यह कहता है क्योंकि यह परमेश्वर है जो अपने अच्छे उद्देश्य को पूरा करने के लिए आप में अच्छा काम करने के लिए कार्य करता है। जी हाँ, इस वचन के अनुसार परमेश्वर आप में इस प्रकार कार्य कर रहा है कि आपको उसके अच्छे उद्देश्य के अनुसार इच्छा होगी और उसके अच्छे उद्देश्य के अनुसार चीजों को पूरा करने की शक्ति भी आपके पास होगी। इसलिए आनन्दित हो जाएं! सब कुछ परमेश्वर के हाथ में है।

प्रभु आप में कब कार्य कर सकता है? आपको सबसे पहले यह समझना होगा कि आपके जीवन के लिए परमेश्वर का एक अच्छा उद्देश्य है। आपके जीवन में चीजें गलत हो सकती हैं। हो सकता है कि आपके आस-पास बुरी चीजें हो रही हों और हर जगह आपको शर्म से गुजरना पड़ा हो। साथ ही आपको अपने जीवन में कई नुकसान से भी गुजरना पड़ सकता है। क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर इसकी अनुमति क्यों देते हैं? जिससे आप खुद को शून्य कर दें। आपकी अपनी शक्ति पर से विश्वास उठ जाए। मेरे दोस्त, इस तरह से परमेश्वर आपके जीवन में काम करना शुरू करता है। ईश्वर आपको सब से पहले शून्य करता है ताकि वह आपको अपने आप से भर सके। ताकि उसका अच्छा उद्देश्य आपके जीवन में पूरा हो। केवल वे जो परमेश्वर की इच्छा पर चलते हैं वे सदा जीवित रहेंगे। लेकिन जो लोग अपनी इच्छा शक्ति के अनुसार करते हैं वे केवल कुछ समय के लिए ही रहेंगे क्योंकि मनुष्य और उसकी योजनाएँ कभी भी चिरस्थायी नहीं हो सकती हैं। लेकिन परमेश्वर चिरस्थायी है।

बाइबल में, हाबिल नाम का एक व्यक्ति को देखते हैं और उसके बारे में लिखा है, यद्यपि उसके मरने के बाद अब तक बातें करता है (इब्रानियों 11:4) ऐसा ही यीशु के बारे में भी है। यीशु ने अपने आप को पूरी तरह से अपनी सारी सामर्थ, अपनी शक्ति, अपने लहू, अपने शरीर का सारा पानी, उसकी सारी प्रसिद्धि, जो कुछ भी स्वास्थ्य और सारी महिमा और धन जो परमेश्वर के पास था, उसे पूरी तरह से शून्य करके खुद को बलिदान कर दिया। यीशु ने ऐसा आपके खालीपन, और आपके शून्य जीवन को समझने के लिए और आपके जीवन में खुद को शून्य   करने के समय में आपकी मदद करने के लिए किया था। लेकिन फिर अपनी मृत्यु के तीसरे दिन, यीशु अपनी पवित्र आत्मा जो जीवित जल है, उसके द्वारा फिर से जीवित हो गया। अब यीशु हमेशा के लिए जीवित है और उसके पास आपके और मेरे लिए जीने का उद्देश्य है। इसलिए, जब परमेश्वर आपके जीवन में कुछ स्थितियों को आपको शून्य करने की अनुमति देता है, तो यीशु आपकी सहायता के लिए आते हैं। और जब आप रोमियों 8:11 के अनुसार उसकी दोहाई देंगे तब परमेश्वर का आत्मा आपको फिर से जिलाएगा। अब ‘आप’ नहीं बल्कि मसीह है जो आप में जीवित रहता है। यह न तो बल से है और न ही शक्ति से लेकिन यह परमेश्वर की आत्मा से है कि आप जीना शुरू करते हैं और परमेश्वर आप में काम करना शुरू कर देता है। वह आपको उन कामों को करने की इच्छा देता है जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार हैं, न कि आपकी शारीरिक इच्छा के अनुसार और वह आपको कार्य करने और सफल होने और यीशु मसीह के द्वारा जो आप से प्रेम करता है, जयवन्त से भी बढ़कर होने की शक्ति देता है। आप एक विजेता से बढ़कर बन जाएंगे, मेरे दोस्त। यह ‘अच्छे उद्देश्य वाला जीवन’ है जो परमेश्वर ने आपके लिए यीशु मसीह के माध्यम से दिया है।
Prayer:

अनमोल स्वर्गीय पिता, आपकी अद्भुत प्रतिज्ञा के लिए धन्यवाद। हे परमेश्वर, मुझे विश्वास है कि मेरे जीवन के लिए आपके पास एक अच्छा उद्देश्य है। अब भी, हे प्रभु, मैं आपके क्रूस के सामने आता हूं और प्रार्थना करता हूं कि मुझे अपने आप से पूरी तरह से शून्य कर दें और मुझे अपनी पवित्र आत्मा से भर दें। हे पिता, मैं प्रार्थना करता हूं कि आप मुझमें काम करना शुरू कर देंगे क्योंकि आप मेरे विश्वास के कर्त्ता और सिद्ध करनेवाले हैं। अब मैं नहीं, बल्कि मसीह है जो मुझ में जीवित है। हे प्रभु, मुझे हर उस स्थिति से पुनर्जीवित करें जो मुझे परेशान कर रही है। आज से मेरे जीवन के लिए आपका अच्छा उद्देश्य पूरा हो और मेरे द्वारा केवल आपके नाम की महिमा हो। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूँ। आमीन!

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