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शांति और समृद्धि!

Shilpa Dhinakaran
30 Oct
प्रिय मित्र, आज परमेश्वर की प्रतिज्ञा कहती है कि वह आपकी सीमा में शांति और उत्तम से उत्तम गेहूं से तृप्त करेगा (भजन संहिता 147:14)प्रभु आपके घर में, आपके कार्यस्थल मे और पडोसियों के बीच में शांति देने जा रहा है। चिंता मत करें। किसी चीज से आपको हानि नहीं होगी। मुझे एक राजा की कहानी याद आती है जिसने अपनी प्रजा को बुलाकर हर एक से कहा कि वे शांति के चित्र बनाएं। उसने कहा कि वे हर एक जो कुछ भी शांति का अनुभव करते हैं उसका चित्र बनाएं। हर एक व्यक्ति ने अलग अलग चित्र बनाएं। कुछ लोगों ने पहाडों को बनाया। कुछ ने फूलों को बनाया और कुछ लोगों ने पक्षियों को बनाया। 

जब हर एक ने एक विशेष चित्र को देखा जिसमें पहाड और नदियां थीं, तब उन्होंने यह सोचा कि निश्चय इस चित्र को ही इनाम मिलेगा। परन्रु राजा ने एक अलग चित्र दिखाया जो विषय पर उपर्युक्त था। उस चित्र में जोरों की बारिश, बादलों की गडगडाहट और बिजली की रोशनी थी परन्तु उस चित्र की सुंदरता एक पेड के एक छोटे से घोंसले में चिडियों का चहकना था। उस चित्र को इनाम दिया गया। मेरे मित्र, यह भी देखें कि इस संसार में गडबडी और समस्याएं होने पर भी प्रभु हमें शांति देता है। 
जैसे कि पंछी अपने घोसलें में आनन्दपूर्वक बैठे हुए थे, उसी तरह से चाहे आपके चारों ओर जो भी घट रहा हो, तौभी वह आपके हृदय को आनन्दित रखेगा। यद्यपि इस संसार में चाहे परिस्थितियां बुरी ही हों, तौभी परमेश्वर आपके हृदय को शांति से रक्षा करेगा। यीशु कहता है, ‘‘मैं तुम्हें अपनी शांति दूंगा; जैसे संसार देता है वैसे नहीं मैं तुम्हें अपनी शांति दूंगा; तुम्हारा मन व्याकुल न हो न डरे।’’ (यूहन्ना 14:27) इसलिए प्रभु आपको परमेश्वर की शांति से भरेगा न कि संसार की शांति से। वह आपको सब कुछ देगा और आपको समृद्धि भी देगा। आप केवल प्रभु पर अपने मन को लगाने के लिए कहता है। बस आपको केवल यही करना है। हम यह भी पढते हैं, ‘‘जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए है, उसको तू पूर्ण शांति के साथ रक्षा करता है क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।’’ (यशायाह 26:3) इसलिए आइए हम इस प्रतिज्ञा पर भरोसा रखे और इस प्रतिज्ञा के लिए उसे धन्यवाद दें।
Prayer:
हे पिता,
 
मेरे हृदय, परिवार और कार्यस्थल पर आपकी शांति दें। मुझे किसी भी बात से हानि न हो या मेरा मन परेशान रहे। मेरी मदद करें कि मैं आप पर भरोसा रखूं और आप में विश्राम पाऊं। जैसे कि हवा में पक्षी और खेतों में फूल आपकी देखरेख में विश्राम पाते हैं वैसे ही मेरे हृदय और मन को भी अपनी शांति के द्वारा सुरक्षित रखें और आपके विश्राम में भी सुरक्षित रखें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करती हूं,

आमीन!

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