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जयवंत से बढकर!

Stella Ramola
23 Jul
प्रिय मित्र, आज का मनन वचन रोमियों 8:37 से लिया गया है, ‘‘इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवंत से बढकर हैं।’’ हां, यीशु आप से प्रेम करता है और वह आपको इस संसार में जयवंत से भी बढकर बनाता है। शायद आज आप इस संदेश को अपने जीवन की बहुत ही परेशानियों से पढ रहे होंगे कि आप सोचा रहे होंगे कि मेरा जीवन कहां पर आगे बढ रहा है। आप यह नहीं जानते कि आगे क्या होनेवाला है और मेरा भविष्य क्या है। शायद आप ऐसा अनुभव कर रहे होंगे कि मैं बहुत लम्बे समय से बीमार हूं इसलिए मर जाऊंगा/जाऊंगी। शायद आप बीमारी, कर्ज, अपने काम में या पढाई या परिवार में असफल हो रहे हैं परन्तु प्रिय मित्र, परमेश्वर आप से प्रतिज्ञा करता है कि वह आपको जयवंत से बढकर बनाएगा।
 
जैसे कि यीशु फिलिप्पियों 4:13 के अनुसार प्रेम करता है, ‘‘आप को जो सामर्थ देता है, उसमें सब कुछ कर सकते हैं।’’ आप जो कुछ भी करेंगे परमेश्वर आपको बलवंत करेगा। वह आपको क्या और कैसे करना है सिखाएगा। वह आपको क्या बात करना है वो भी कहेगा। वह आपको चंगाई देगा। वह आपको बुद्धि देगा। चह आपको शांति देगा क्योंकि वह आप से प्रेम करता है।
इसलिए मेरे मित्र, हियाव बांधें! आप जो कुछ भी करेंगे उसमें वह आपको सफल करेगा। बाइबल में हम दाऊद को देखते हैं कि कैसे उसने गोलियात पर जय पाई। उसने यहोवा के नाम का सहारा लिया न कि भाला, सांग या तलवार का। उसी तरह से जब आप परमेश्वर के बल पर निर्भर रहेंगे तो आप जयवंत होंगे। ‘‘युद्ध के दिन के लिए घोडा तैयार तो होता है, परन्तु जय यहोवा ही से मिलती है।’’ (नीतिवचन 21:31) हां, जय प्रभु के साथ बनी रहती है और 2 कुरिन्थियों 2:14 के अनुसार परमेश्वर अपनी महिमा लाने में एक जयवंत जन मण्डली के रूप में आपकी अगुवाई करेगा। ‘‘परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो जो मसीह में सदा हम को जय के उत्सव में लिए फिरता है और अपने ज्ञान की सुगंध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।’’
Prayer:
प्रेमी पिता,
 
आप मेरी आशा हैं। आपकी प्रतिज्ञा सफलता में मेरी अगुवाई करने के लिए आपको धन्यवाद क्योंकि हे प्रभु आप मुझ से प्रेम करते हैं। मैं आपके बल और जय के लिए आप के नाम पर निर्भर हूं। मैं जो कुछ करूं आप मुझे आशीष दें और जयवंत से बढकर बनने में मेरी अगुवाई करें। यीशु के अनमोल नाम में,

मैं प्रार्थना करती हूं, आमीन!
 

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