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Dr. Paul Dhinakaran

परमेश्वर की योजना के द्वारा अगुवाई

Dr. Paul Dhinakaran
17 Sep
मेरे अनमोल मित्र,परमेश्वर ने आज के लिए भी आपके लिए एक योजना बनाकर रखी है। आपके चारों ओर चाहे अंधकार हो पर आप मत घबराएं। पौलुस कहता है, ‘‘मैं निशाने की ओर दौडा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं जिसके लिए परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।’’ (फिलिप्पियों 3:14) इस संसार में दौडने के लिए परमेश्वर ने आपके लिए एक मार्ग बनाया है। यिर्मयाह 29:11 में प्रभु घोषित करता है ‘‘क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूं उन्हें मैं जानता हूं, वे हानि की नहीं, वरन कुशल ही की है, और अंत में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।’’ जगत की उत्पत्ति के पहले ही परमेश्वर ने आपके जीवन के लिए योजना बना कर रख दी है। वह बाट जोह रहा है कि आप हर एक दिन उस के पास आएं जिससे कि वह आपको अपनी योजनानुसार पथ में चलाने की अगुवाई करे जिसकी उसने बना कर रखी है। 

परमेश्वर ने आपकी अगुवाई करने के लिए एक स्वर्गदूत को मार्ग में नियुक्त करके रखा है जो उसने आपके लिए तैयार करके रखा है। क्योंक़ि परमेश्वर कहता है, ‘‘सुन, मैं एक दूत तेरे आगे आगे भेजता होआँ जो मार्ग में तेरी रक्षा करेगा, और जिस स्थान को मैं ने तैयार किया है, उसमें तुझे पहुंचाएगा।’’ (निर्गमन 23:20) जब हम परमेश्वर की योजना में विश्वासयोग्यता से चलते हैं, जिसको उसने हमारे लिए बनाकर रखा है वहां पर हमारे लिए एक इनाम रखा हुआ है। परन्तु यह मार्ग आसान न होगा। हमें जंग, सूखी भूमि, बाधाओं को पार करना होगा परन्तु ऐसी परिस्थितियों के द्वारा परमेश्वर हमें हर बात में चलाने की योजना रखी है। उसने हमें इस मार्ग को दिखाने के लिए उसकी पवित्र आत्मा को हमें दिया है। हम पढते हैं, ‘‘इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है: क्योंकि हम नहीं जानते कि प्रार्थना किस रीति से करनी चाहिए, परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर, जो बयान से बाहर हैं, हमारे लिए विनती करता है।’’ (रोमियों 8:26) जैसे कि हम पवित्र आत्मा में प्रार्थना करते हैं, वह हमारे लिए आहें भर भर कर प्रार्थना करता है कि परमेश्वर के मार्ग को जाने और उसमें चलें। वह हमें नई नई भाषाओं में बात कराएगा और उस दिन के लिए वह परमेश्वर की योजना को समझने में हमारी मदद करेगा और परमेश्वर की इच्छानुसार चलने में हमारी मदद करेगा कि हम उस इनाम को पा सकें जो हमारे लिए रखा हुआ है।
बाइबल कहती है, ‘‘स्थान छोडकर घूमनेवाला मनुष्य उस चिडिया के समान है, जो घोंसला छोडकर उडती फिरती है।’’ (नीतिवचन 27:8) इसका अर्थ है कि जब हम परमेश्वर की इच्छानुसार नहीं चल रहे हैं या खो चुके हैं। ‘‘हमें जानते हैं कि दौड में तो दौडते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है? तुम वैसे ही दौडों कि जीतो।’’ (1 कुरिन्थियों 9:24) परमेश्वर की इच्छानुसार उस दौड में चलने के लिए हमें एक चुपी के जीवन की अगुवाई में हमारा उद्देश्य होना चाहिए; चुपचाप रहने और अपना- अपना काम काज करने और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करें। (1 थिस्सलुनीकियों 4:11) इसलिए जो परमेश्वर कराने की अगुवाई करता है उसे प्रतिदिन करें तब आप सभी कामों में जयवंत होंगे। 
Prayer:
हे पिता,

मुझे ऐसा अनुग्रह दें; मेरे साथ रहें। आपकी आत्मा के द्वारा मेरी अगुवाई करें। मेरी मदद करें कि मैं आपकी योजना का आज्ञाकारी बनूं। मेरे जीवन में केवल आपकी इच्छा पूरी हो। मुझे एक चुपी के जीवन की अगुवाई करने, अपना अपना काम करने और अपने अपने हाथों से पूरे बल से कमाने में मेरी मदद करें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं, आमीन!

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