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Paul Dhinakaran

माता-पिता की आज्ञा मानें!

Dr. Paul Dhinakaran
17 May
मसीह में अतिप्रिय,

आप की आधुनिक और प्रचलित दुनिया में माता-पिता जो परिवार की मूल नींव हैं, उन्हें पिछली सीट में रखा गया है। बच्चे अपने माता-पिता के प्रति अपमानजनक हैं और उनके अच्छे सलाह को अनदेखा करते हैं, जो कि वे उनसे प्राप्त करते हैं। बाइबिल क्या पुष्टि करती है उस पर मैं आपका ध्यान के्रंद्रित करना चाहता हॅूं, ‘‘... अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा और अपनी माता की सीख को न त्याग।’’(नीतिवचन 1:8)

30 वर्षों तक यीशु अपने माता-पिता के साथ रहा और वह उनके काम में उनकी सहायता करता था, जब तक वह परमेश्वर की सेवकाई करने न निकला। वह हमेशा अपने माता-पिता का आदर करता था। 
माइकेल चैंगे 17 वर्ष की आयु में फ्रेंच ओपेन टेनिस प्रतियोगिता में विजेता बना। संवाददाताओं ने उसका साक्षात्कार लिया। एक साक्षात्कार में उसने अपनी सफलता का रहस्य बताया और कहा, मेरे जीवन में एक विशेष व्यक्ति मेरे पिता है जो मेरी सफलता के लिये जिम्मेदार है। जब भी मैं अभ्यास के लिये जाता था, वे मेरे साथ आते थे। रविवार को वे मुझे चर्च ले जाते थे। उन्होंने मुझे यीशु के विषय में सब कुछ सिखया। वे मुझे मेरी सारी गलतियाँ बताते थे। मैंने हमेशा अपने प्रशिक्षक की सलाह मानी। उसी के साथ-साथ मैं अपने पिता की सलाह को भी ध्यान से सुनता था। इसलिए परमेश्वर ने मुझे टेनिस में विजेता बनने का सम्मान दिया। मेरा हृदय आनन्द विभोर है। 

हाँ, मेरे प्रिय मित्रों, जब आप अपने माता-पिता की आज्ञाओं का पालन करते हैं और उन्हें आदर एवं सम्मान देते हैं, तब बदले में परमेश्वर आपको आशीष प्रदान करेगा और आप अपने जीवन में सफलता को प्राप्त करेंगे। इसके विपरीत यदि आपने उनका अपमान किया और उनके निर्देशों पर ध्यान नहीं दिया तो यह स्वर्गीय पिता को अप्रसन्न करेगा, क्योंकि इस पर बाइबिल में बहुत स्पष्ट है, ‘‘जो अपने माता-पिता को कोसता है, उसका दिया बुझ जाता, और घोर अन्धकार हो जाता है।’’ (नीतिवचन 20:20)

इसलिए युवा लोग आप अपने माता-पिता का आद करें, क्योंकि परमेश्वर अपने बच्चों पर माता-पिता का सम्मान करता है। क्योंकि यह आदेश एक प्रतिज्ञा के साथ आता है, ‘‘हे बालकों, प्रभु में अपने माता-पिता के अज्ञाकारी बनों, क्योंकि यह उचित है। अपनी माता और पिता का आदर कर कि तेरा भला हो, और तुम धरती पर बहत दिन जीवित रहे।’’ (इफिसियों 6:1-3)
Prayer:
प्रेमी पिता, तेरा पवित्र आत्मा मुझे तेरे अनुग्रह से भरपूर करे कि मैं सही समय पर अपने माता-पिता की आज्ञा मानूँ और उनका आदर करूँ। मैं उन्हें कभी लज्जित न करूँ न किसी प्रकार उन्हें चोट पहुँचाउँ। यह मैं सच्चे मन से यीशु के नाम में माँगता/माँगती हूँ। आमीन!

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