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DGS Dhinakaran

बडी शांति!

Bro. D.G.S Dhinakaran
27 Feb
प्रेमी परमेश्वर की व्यवस्था बाइबल पढने और उस पर मनन करने से कहीं अधिक है। इसका अर्थ यह है कि हम प्रेमी यीशु पर मनन करते हैं। जब परमेश्वर के वचन के लिए एक ऐसा स्रोता फूट पडता है, तब परमेश्वर आपके मन को पूर्ण शांति से रखेगा क्योंकि आप उस पर भरोसा रखते हैं। (यशायाह 26:3) 

एक बार मैं एक राजकुमारी से मिला जो यीशु के बारे में नहीं जानता था। मेरे मेजबानों ने मुझे उसके लिए प्रार्थना करने को कहा। जब मैं उससे मिला मैं ने उससे पूछा, मैं तुम्हारे लिए किस बात के लिए प्रार्थना करूं? क्या आप जानते हैं उसने क्या कहा, श्रीमान, मेरे पास इस संसार में सब कुछ है, एक अच्छा पति और बेटा और मुझे किसी भी बात की कमी नहीं है परन्तु मेरे हृदय में कोई शांति नहीं है। प्रार्थना करें कि मुझे शांति मिले। 

मानव जाति की इस मुख्य जरूरत जो शांति कहलाती है। यीशु जब इस पृथ्वी से ऊपर उठाया जा रहा था, उस ने कहा, ‘‘मैं तुम्हें शांति दिए जाता हूं; अपनी शांति तुम्हें देता हूं। जैसे संसार देता है वैसे मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन व्याकुल न हो न डरे।’’ (यूहन्ना 14:27)  संसार के द्वारा की गई शांति की प्रतिज्ञा बिल्कुल झूठी है। यह कुछ पल के लिए होता है और बाद में फीका पड जाता है परन्तु जो शांति यीशु देता है वह सच्ची और अनन्त होती है। वह शांति हमें जो देता है उसमें सिद्धता होती है। तभी तो यीशु ने अपने वचन में कहा, जैसे संसार देता है वैसे मैं तुम्हें नहीं देता। लोग शांति को खोजने के लिए यहां वहां भागते फिरते हैं। परन्तु परमेश्वर का दृढ वचन कहता है, यीशु शांति का राजकुमार है। (यशायाह 9:6) आप इस अद्भुत शांति में अपने सुख के समय आसानी से रखते हैं परन्तु जब तूफान के बीच में हो तो तब आप इस शांति को कैसे बनाए रख सकते हैं?
बाइबल कहती है, ‘‘तेरे व्यवस्था से प्रीति रखनेवालों को बडी शांति होती है; और उनको कुछ ठोकर नहीं लगती।’’ (भजन संहिता 119:165) प्रियजन, जब तक यीशु आपके जीवन के केन्द्र में है तब तक आप ठोकर नहीं खा सकते। परमेश्वर पर इस तरह का भरोसा और निर्भरता आपके हृदयों की अगुवाई करेगी और आपके मन में शांति को बनाए रखेगी जो सारी समझ से परे और मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी। (फिलिप्पियों 4:7) यीशु हमें अपने जीवनों के तूफानों में भी उस पर भरोसा रखने के लिए कहता है। आपको बीमारियों, तनाव और रिश्तों की समस्याओं से दूर रखने और परमेश्वर के वचन के प्रेम में शांति से भरे रहता है। 
Prayer:
 प्रिय पिता,

मेरी सारी ऊर्जा मेरी जरूरतों और आंसुओं के विचारों से सूख गई है। मैं अपनी सारी चिंताओं को जो मुझे परेशान करते हैं, उन्हें सौंपता हूं। मेरी मदद करें कि मैं आप पर भरोसा रखूं और आप में अपना विश्वास बनाए रखूं। अपने अनमोल प्रतिज्ञाओं को चिंताओं के स्थान पर रखें। हे प्रभु, मुझे आपके वचन से प्रेम करने का वरदान दें। मेरे हृदय मेम आपके वचन जड पकडें। मेरी आत्मा, प्राण और शरीर को अपनी दिव्य शांति से भरें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं, आमीन!

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