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DGS Dhinakaran

क्रूस पर से भलाई

Bro. D.G.S Dhinakaran
17 Jun
प्रभु यीशु अवर्णनीय वेदना से गुजरा जिससे कि उसकी संतान को क्षमापन और चंगाई प्राप्त हो सके।  उसके सिर से कांटों के ताज के कारण लहू बह रहा था। वह जानता था कि हम अपनी शांति के लिर संघर्ष करेंगे, इसलिए उसने हमारी मन की शांति के लिए कांटों का ताज सहा। उसको कील ठोके गए और उसने अपने बाजू पर घाव सहा  कि हम अपनी सारी बीमारियों से चंगे हो सकें। जब वह जीवित था, उसके पास जो कोई आया उसने हर एक को चंगा किया क्योंकि वह पृथ्वी को छोडकर जानेवाला था इसलिए उसने अपने दुखों के द्वारा पूरी मानव जाति पर चंगाई लाया। आज जो कोई भी चंगाई के लिए उसे देखेंगे, निश्चय चंगाई पाएंगे। डॉक्टर लोग जो कहते हैं कि तुम्हारी हालत सुधरने की नहीं, उन पर विश्वास न करें क्योंकि परमेश्वर कहता है, ‘‘तुम्हारे विश्वास के अनुसार तुम्हारे लिए होगा।’’ (मत्ती 9:29) आपको केवल परमेश्वर के वचन पर ही भरोसा रखना चाहिए। बाइबल कहती है, ‘‘आकाश टल जाएगा, पृथ्वी टल जाएगी परन्तु तेरा वचन कभी नहीं टलेगा।’’ (मत्ती 24:35) यदि परमेश्वर कहे कि यह तुम्हारे विश्वास के अनुसार होगा, तो परमेश्वर के मन के अनुसार जो हर को जो उसके पास आता है चंगा करना चाहता है और आप निश्चय चंगाई का अनुभव पाएंगे। 

कुछ वर्ष पहले संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के टेक्सस में एक व्यक्ति एक सुंदर बागीचे से गुजर रहा था। एक छोटा सा बच्चा उस बगीचे के फूलों को देखकर उनका आनन्द ले रहा था। अचानक उस व्यक्ति ने एक सर्प को देखा जो उस लडके के पास रेंगता हुआ आ रहा था। उसने उस खतरे को जान लिया कि वो उस लडके को डंसेगा और वह उसी वक्त मर जाएगा। वह नहीं जानता था कि क्या करे लेकिन वह उसी पल उस लडके और सांप के बीच में कूदा और उस सांप ने उसे दस बार डंक मारे। वह वेदना से चिल्लाया। इसे सुनकर उस लडके का पिता और माली दौडते हुए उसके पास आए। सांप भाग गया और छोटे लडके की जान बच गई। इस आदमी को अस्पताल ले जाया गया और अंत में उसके प्राण बच गए। जब वह बच्चा बडा हुआ, जब कभी भी वह उस व्यक्ति को देखता तो कहता, यही वो व्यक्ति है जो मेरे लिए अपने जीवन की कुर्बानी देने गया था।
प्रभु यीशु ने भी शैतान सर्प के द्वारा खुद को डंसने के लिए दे दिया। उसका पूरा शरीर घायल किया गया था। जैसे कि उसके घाव चंगाई लाते हैं, क्रूस पर उसका बहा हुआ लहू पाप का क्षमापन लाते हैं चाहे वे कितने भी बुरे क्यों न हो। यीशु के विचार ऐसे थे, मुझे इसे धीरज से सहने दो जिससे कि मेरी संतानें पाप से छुटकारा पाएं। परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया; हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया;उसने शैतान के हाथों से हमें बचाने के लिए हमारी मृत्यु को चखा। ‘‘यदि हम अपने पापों को मान लें,तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।’’ (1 यूहन्ना 1:9) परमेश्वर ने अपने बलिदान के द्वारा हमारे क्षमापन को आसानी से उपलब्ध करा दिया है। जो दण्ड हम पर आना था उसने हमारे लिए सह लिया। ‘‘अत: जब कि हम अब उसके लहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा परमेश्वर के क्रोध से क्यों न बचेंगे?’’ (रोमियों 5:9) हमें परमेश्वर के दण्ड का भय रखने की जरूरत नहीं है क्योंक़ि यीशु मसीह के द्वारा हम परमेश्वर को स्वीकृत किए गए हैं। क्या आप क्रूस से चंगाई, क्षमापन और आशीषों पर विश्वास करते हैं? आप को उन पर धावा करना चाहिए। 
Prayer:
प्रेमी प्रभु यीशु,

मेरी खात्तिर क्रूस पर आपके सारे दुख उठाने के लिए धन्यवाद। हे प्रभु, मेरे मन में शांति दें और एक ऐसा जीवन कि जो क्रूस पर आपने मेरे लिए उन आशीषों को कमाया है। मैं अपने पापों का अंगीकार करता हूं और अपने सभी मार्गों से मन फिराता हूं। मुझे क्षमा करें और मेरे सभी पापों से मुझे स्वतंत्र करें। मुझे चंगा करें और मेरी सारी निर्बलताओं से स्वतंत्र करें। क्रूस पर आपने जो मेरे लिए स्वतंत्रता खरीदी उसका आनन्द उठाऊं। मैं इसे प्रेमी पिता से यीशु के नाम से मांगता हूं, आमीन!

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