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DGS Dhinakaran

सुनहरे वचन।

Bro. D.G.S Dhinakaran
11 Dec
मूसा का ससुर यित्रो ने उसे इस्राएलियों के अधिकतर लोगों की संख्या पर शासन करने के लिए सलाह दी।(निर्गमन 18:21,22) इस सलाह ने मूसा को परमेश्वर की इच्छा को पूरी करने के लिए बहुत ही मदद की। उसी तरह जीवन की हर परिस्थिति में, आपको भी सही दिशा में उन्नति पाने के लिए ऐसी ईश्वरीय सलाह और मार्गदर्शन की जरूरत है। 

एक बार एक विशेष जहाज में जो गहरे समुद्र पर तैर रहा था उसे पीने के पानी की कमी का सामना करना पडा। वे नहीं जानते थे कि वे आगे क्या करें। इसका कारण था कि जहाज गहरे समुद्र के चारों ओर था और समुद्र का पानी खारा था। उस जहाज के कप्तान ने समीप चलने वाले जहाजों को एस ओ एस भेजा कि वे मदद भेजे। उसे एक खास जहाज से उत्तर आया कि,‘‘जहां पर आप हैं नीचे बालटियों को उतारे।’’ उस सलाह से कप्तान को कुछ अचम्भा हुआ परन्तु फिर भी उसने समुद्र में बालटियों को उतारा और पानी को भरा। जब उसने उस पानी को चखा तो उसे आश्चर्य हुआ कि वह पानी चखने में मीठा था। दूसरे जहाज से नाविक ने एक सुनहरा वचन भेजा कि वह जानता था कि उस स्थान पर ही केवल अच्छा पानी उपलब्ध है क्योंकि वहां पर एक नदी अच्छे पानी से प्रवेश करती है। उस जहाज के लोगों की चिंता गायब हुई। कडवाहट गायब हुई। चेहरे प्रफुल्लित होने लगे।  
बाइबल कहती है, ‘‘भला मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है, और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।’’ (मत्ती 12:35) प्रियजन, परमेश्वर ने आपके चारों ओर बुद्धिमान और ईश्वरीय लोगों को रखा है कि आप सही दिशा में चलें। सही सलाह के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहें सुर गलत शब्दों को दूर करे। परमेश्वर अपने मार्गदर्शन या उत्साहिकता के अद्भुत वचनों से आपसे बात करेगा जिससे कि आप अंधकार के गड्डे से बाहर निकलें इसके अलावा परमेश्वर आपको दूसरों की सलाह के लिए सही वचन और सही समय पर देगा। बाइबल कहती है (यशायाह 50:4) ‘‘प्रभु यहोवा ने मुझे सीखनेवालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।’’ सुननेवाले कान और आज्ञाकारी मन रखें कि ऐसे बुद्धि के वचन पर चल सकें और आशीष पाएं। दीनता का ऐसा एक हृदय हमेशा सभी परिस्थितियों में आशीषित रहता है।
Prayer:
प्रार्थना,

प्रिय प्रभु, मुझे एक दीन मन दें कि मैं अपने जीवन में दूसरों के द्वारा कहे हुए भले शब्दों को सूनूं। मैं उन अच्छे वचनों पर अपना ध्यान दूं। मैं अपने मुंह को आपके नियंत्रण में देता हूं। मेरी मदद करें कि मैं सामयिक वचन, उत्साहित वचन कहूं कि लोग उन्नति पाएं और सही दिशा में चलें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं। आमीन।  

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