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परमेश्वर की उत्तम योजना

Stella Ramola
05 Sep
परमेश्वर के विचार हमारे विचारों से बडे हैं। हमारे विचार ऐसे होंगे, ‘‘ओह, मैं किसी के काबिल नहीं हूं, मुझे कई समस्याएं हैं, मैं उस व्यक्ति की तरह जीवन व्यतीत नहीं कर सकता। मैं इस क्षेत्र में हमेशा विश्वास में गिर जाता हूं। मेरा कोई भविष्य नहीं है।’’ परन्तु परमेश्वर के विचार हमेशा हमारे भले के लिए हैं। वह हमें सारी बीमारियों और हमारी पीडाओं से छुटकारा देना चाहता है। यही है परमेश्वर के विचार जो हमारे विचारों से बडे हैं। इसका कारण है कि वह हम से प्रेम करता है। इसलिए हम अपने सारे बोझ, अपनी बीमारी, अपनी असफलताएं, अपनी समस्याओं और हर चीज को उस पर रखते हैं। जब हम ऐसा करते हैं तब वह हमें स्वतंत्रता देता है, जैसे कि हम उस पर भरोसा रखते हैं, तब वह अपने विचार हमें देता है और हमें उस मार्ग में जाने की शिक्षा देता है कि हमें कौन से कार्य करने चाहिए और भविष्य में किस मार्ग पर चलना चाहिए। वह अपने विचारों से हमारी अगुवाई करेगा। वह हमें अपनी बुद्धि से भरेगा और एक अच्छे जीवन की अगुवाई करेगा।
 
बाइबल में, हम पतरस के जीवन के बारे में पढते हैं। वह एक मछुवा था। एक बार जब यीशु गलील समुद्र के किनारे चल रहा था, तब उसने शमौन जो पतरस कहलाता है अपने भाई अंद्रियास को देखा, यीशु ने उन से कहा, ‘‘मेरे पीछे आओ, मैं तुम्हें मनुष्यों को पकडनेवाले बनाऊंगा।’’ उन्होंने तुरंत अपनी जालें छोडकर उसके पीछे चल दिए। पतरस को मछली पकडना बहुत पसंद था लेकिन यीशु के बुलाने पर उसने अपनी जाल वहीं पर छोड दी और यीशु के पीछे हो लिया। परन्तु जब यीशु जी उठा तब पतरस फिर से अपने मछली पकडने के पेशे में वापस चला गया। वह अपने जीवन में परमेश्वर की बुलाहट को भूल गया। इसलिए यीशु उसको प्रगट हुआ और उसने शमौन पतरस से कहा, ‘‘हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इन से बढकर मुझ से प्रेम रखता है?’’ उसने उससे कहा, ‘‘हां, प्रभु; तू तो जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं।’’ यीशु ने कहा, ‘‘ मेरे मेमनों को चरा।’’ उसने फिर दूसरी बार उससे कहा, ‘‘हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र,क्या तू मुझ से प्रेम रखता है? ’’ उसने उससे कहा, ‘‘हां प्रभु; तू जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं।’’ उसने उससे कहा, ‘‘ मेरी भेडों की रखवाली कर।’’ उसने तीसरी बार उससे कहा, ‘‘हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू मुझ से प्रीति रखता है? ’’ पतरस उदास हुआ कि उसने उससे तीसरी बार ऐसा कहा, ‘‘क्या तू मुझ से प्रीति रखता ह’’और उससे कहा, ‘‘हे प्रभु, तू तो सब कुछ जानता है ; तू यह जानता है कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं।’’ यीशु ने उससे कहा, ‘‘ मेरी भेडों को चरा।’’ (यूहन्ना 21:15-18).
यीशु ने पतरस के हृदय में अपनी बुलाहट के बारे में लिखा कि वह मनुष्यों को पकडनेवाला बनें। पतरस एक डरपोक व्यक्ति था। उसने यीशु के गिरफ्तार जी रात को उसे धोखा दिया परन्तु यीशु जानता था कि पतरस क्या होगा। इसलिए उसने पतरस को प्रगट किया कि बह आत्माओं को बचाएगा। जैसे कि यीशु ने कहा उसी के अनुसार पतरस ऊपर कोठरी में पवित्र आत्मा के अभिषेक के लिए बाट जोह रहा था। परमेश्वर ने जैसे कहा उसी के अनुसार उसने अपनी आत्मा भेजी और आत्मा से भरपूर होकर उस दिन उसने 3000 लोगों को भाषण दिया और वे उनमें मिल गए। पतरस ने पराक्रमी चमत्कार किए और उसके द्वारा कलीसिया स्थापित की गई। आज आप यह सोच रहे होंगे कि आपके जीवन में परमेश्वर की बुलाहट कैसे पूरी होगी? यीशु से फिर से उसकी योजना की पुष्टि करें। परमेश्वर निश्चय आपको अपनी योजनाएं दिखाएगा जो आप की योजनाओं से बडी और बेहतर हैं और उसके द्वारा वह आपकी अगुवाई करेगा। 
Prayer:
प्रेमी प्रभु,
 
मेरे जीवन की बुलाहट को याद कराने के लिए धन्यवाद। हे प्रभु, मुझ से बात करने के द्वारा अपनी बुलाहट को फिर से पुष्टि करें। उसके लिए मुझे ढांचे। अपनी पवित्र आत्मा के साथ मुझे भरें और आपकी बुलाहट को पूरा करने के लिए मुझे सामर्थ दें। मेरे जीवन में आपकी इच्छा पूरी हो। यह प्रार्थना मैं यीशु के नाम में, करती हूं, आमीन!

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