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Stella dhinakaran

परमेश्वर की इच्छा ही सिद्ध है!

Sis. Stella Dhinakaran
21 Jan
रोमियों 12:2 में हम पढते हैं,‘‘इस संसार के सदृश्य न बनो; परन्तु तुम्हारे मन के नए हो जाने से तुम्हारा चाल चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली और भावती और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।’’ परमेश्वर की इच्छा को जानना और करने से ही बहुतायत का जीवन, शांति, प्रेम और बुद्धि का स्थान पाया जाता है। बाइबल के पुराने नियम में हम योना के बारे में पढते हैं वह एक खरा व्यक्ति था जो परमेश्वर का दास और नबी भी था। परमेश्वर ने उससे बात की और उसे एक आज्ञा भी दी परन्तु उसने उसे इन्कार किया और उसने अपना दूसरा मार्ग चुन लिया, इसलिए उसे कई समस्याओं का सामना करना पडा। उसे बहुत ही जल्द यह एहसास हो गया कि ये संकट उसकी अवाज्ञाकारिता के कारण हुआ है ,उसने परमेश्वर की इच्छा को अपने जीवन में पूरा नहीं किया था। बाद में परमेश्वर की दया के द्वारा वह परमेश्वर के मार्ग पर वापस चला।

एक जवान व्यक्ति था जिसने प्रभु को अपना जीवन दिया और परमेश्वर के धार्मिकता के मार्गों पर चलने लगा। उसके माता पिता ने उसके लिए उपवास प्रार्थना की कि उसे एक सुंदर और परमेश्वर पर भय रखनेवाली लडकी उसकी जीवन साथी बनें और उसे इसके बारे में सूचित कर दिया। परन्तु उसने कहा कि वह दूसरी लडकी से प्यार करता है जो उसके लिए उचित होगी। जैसे कि वह अपने निर्णय में दृढ था, उसके माता पिता ने स्वीकार कर लिया। शादी हुई और वे एक महीने तक आनन्दित रहे। उसके बाद लडकी अपने पति के साथ सेवकाई में काम करने में नहीं जुडी और वह अपने मार्ग पर चलना चाहती थी। उसने उससे कहा, मुझे अपने मार्ग पर छोड दो और जैसे तुम चाहते हो वैसा करो। उसकी बातों और उसके व्यवहार ने उसे पूरी तरह से निराश कर दिया। उसने उससे तलाक ले लिया और दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली जिसे वह चाहती थी और इस जवान व्यक्ति को बहुत ही मानसिक दुख में छोड दिया। वह प्रभु की ओर फिरा। प्रभु ने अपनी दया से उसके मार्ग को सीधा किया और उसी लडकी से शादी की जिसको उसके माता पिता ने चुना था और प्रभु में बहुत ही आनन्दित रहने लगे
आज चौकस रहें कि आप के सभी निर्णय परमेश्वर की इच्छा से हैं कि नहीं। परमेश्वर का वचन हमें चौकस करता है, ‘‘इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो कि प्रभु की इच्छा क्या है।’’ (इफिसियों 5:17) प्रभु पर निर्भर रहें मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ होती है और उसके चाल चलन से वह प्रसन्न रहता है। (भजन संहिता 37:23) परमेश्वर से मांगे कि वह आपके हृदय को उसकी इच्छा से भर दे। वह आपको भरेगा और आपके लिए सब कुछ पूरा करेगा। प्रार्थना में जागते रहो, परमेश्वर की इच्छा को अपने जीवन में पूरा करते रहो और बहुतायत से आशीषें पाओ। यदि आप ने कोई गलत कदम उठाया है तो उसके पास वापस आ जाएं। वह एक प्रेमी पिता है जो आपको गले लगाने की बाट जोह रहा है और वह आपको ऊंचे स्थानों पर चलाएगा।
Prayer:
अद्भुत पिता,

मेरे जीवन को आप की योजना के विरुद्ध गलत मार्गों को चुनने के लिए मैं क्षमा मांगती हूं। मुझ पर अनुग्रह करें कि मैं आपके भावते हुए मार्गों पर चलूं  और एक ऐसा जीवन व्यतीत करूं जो आपको आनन्दित करे। मेरे जीवन में आपकी इच्छा को पूरा करने में मेरी मदद करेम्। आपका राज्य आए, आपकी इच्छा जैसे स्वर्ग में पूरी होती है वैसे ही इस पृथ्वी पर भी हो। हमारे प्रभु यीशु मसीह के मधुर नाम में, मैं प्रार्थना करती हूं,

आमीन!
 

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