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Dr. Paul Dhinakaran

परमेश्वर का भय मानना !

Dr. Paul Dhinakaran
22 May
सवाल पूछा गया कि ‘‘क्या सपनों का कोई गहरा अर्थ होता है?’’ कुछ लोगों ने कहा ‘‘हां,’’ और दूसरों ने कहा ‘‘नहीं’’ डॉक्टरों ने कहा जब हम बेहोशी की दशा में होते हैं, तब हमारी गहरी इच्छाएं और जरूरतें सपनों के आकार में प्रगट होते हैं। हमारे जीवन में हर इच्छा पूरी नहीं होती। परमेश्वर का वचन कहता है, ‘‘क्योंकि स्वप्नों की अधिकता से व्यर्थ बातों की बहुतायत होती है: परन्तु तू परमेश्वर का भय मानना।’’(सभोपदेशक 5:7) इसलिए बुरे सपनों के आने से भय न खाएं उसके बदले आप उन्हें प्रभु के हाथों में रख दें और केवल उसी का भय मानो। परमेश्वर आपके साथ है। 

जब मैं 7 वर्ष का था, मेरे पिताजी डी जी एस दिनाकरन के फेफडे इतने बुरी तरह से प्रभावित हुए कि उन्हें खांसते खांसते खून की उलटियां हुआ करती थी। हर रात मुझे भयानक सपने आया करते थे। उन सपनों में मैं अपने पिता के शरीर को स्कूल में जहां मैं पढता था, शवपेटी में रखा हुआ देखता था। संगीतकार कई शोक के धोनों से विभिन्न प्रकार के वाद्य बजाया करते थे। मैं डर के मारे घबराकर उठता था और जोर से चीखकर अपने पिताजी को गले लगाया करता था। हर रात मुझे इसी प्रकार का सपना आता था। इसलिए जब कभी भी मैं स्कूल से घर वापस आता था तब मैं अपने घर के पास चारों तरफ बाजे बजाने वालों को ढूंढता रहता था। परमेश्वर के सेवकों के द्वारा कही गई झूठी भविष्यद्वाणियों को सुनना बुरा लगता था। वे मेरे पिताजी से कहते कि ‘‘भाई, आप तो मृत्यु के निकट आ गए हैं। प्रभु ने मुझे प्रगट किया कि आपकी सेवकाई का अंत होने वाला है।’’ इसके विपरीत मेरे पिताजी को चंगाई मिली। वे बहुत दिनों तक जीवित रहे और अपनी सेवकाई को संसार भर में यात्रा करके पूरी की। 
क्या आपको ऐसे डरावने सपने आते हैं? क्या डॉक्टर और आपके रिश्तेदार कहते हैं कि आप बहुत दिनों तक जीवित न बचेंगे? क्या आप को ऐसी बातें आपकी नींद को परेशान करती है? बाइबल कहती है, ‘‘क्योंकि जैसे कार्य की अधिकता के कारण स्वप्न देखा जाता है, वैसे ही बहुत सी बातों का बोलनेवाला मूर्ख ठहरता है।’’ (सभोपदेशक 5:3) लोगों के मुंह से निकली हुई बातें जिससे आप परेशान होते हैं परन्तु परमेश्वर ने कहा, ‘‘मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक क्योंक़ि मैं तेरा परमेश्वर हूं, मैं तुझे दृढ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा; और मैं अपने धर्ममयी दाहिने हाथ से सम्भाले रहूंगा।’’ (यशायाह 41:10) क्योंक़ि आप के अंदर परमेश्वर का भय है इसलिए आप किसी और बातों से नहीं डरते। ‘‘वे एक मार्ग से तुझ पर चढाई करेंगे, परन्तु तेरे सामने से सात मार्ग से होकर भाग जाएंगे।’’ ऐसी आशीष परमेश्वर की संतानों को होती है। ‘‘तू न रात के भय से डरेगा, न उस तीर से जो दिन को उडता है, न उस मरी से जो रात के अंधेरे में फैलती है, न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाडता है क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।’’ (भजन संहिता 91:5,6,11) आपको केवल यही करना है कि आप परमेश्वर का भय मानें। 
Prayer:
स्वर्ग में प्रेमी पिता,

आपके वचन के द्वारा मुझ से बात करने के लिए आपको धन्यवाद। कृपया मेरे आंसुओं को देखें और मेरी प्रार्थनाओं को सुनें जो एक खेदित मन से उठता है और मेरी सारी निर्बलताओं को हटा दें। कृपया मेरी मृत्यु शैय्या को बदल डालें। लोग मेरे विरोध में जो बुरी बातें बोलते हैं और मेरे जीवन से हर बुरे सपनों को हटा दें। मुझे अच्छे सपनों से भरें। आपका भय खाने के लिए मुझ पर अनुग्रह करें। मुझे हर रात मीठी नींद दें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं, आमीन!

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