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Stella dhinakaran

विश्वास चमत्कार को लाता है!

Sis. Stella Dhinakaran
27 Mar
मेरे अतिप्रियो, परमेश्वर के साथ चलने के लिए और परमेश्वर के परिवार के रूप में उठने के लिए हमें विश्वास की आवश्यकता है। यदि कुछ आशीषों में देरी होती है तो आप मत खिजिए या न क्रोधित होइए और लम्बी बाट के लिए निराश मत होवें। परमेश्वर के चमत्कारों पर अपना ध्यान केन्द्रित करें क्योंकि उसके लिए कुछ भी असम्भव नहीं है। वह आपके मन की इच्छा को पूरी करेगा। विश्वास और भरोसे में बढें जिससे कि परमेश्वर आपको सही समय पर उत्तम वरदान देगा।
 
लूका के पहले अध्याय में हम बाइबल में पढते हैं कि यहूदिया के राजा हेरोदिस के समय जकर्याह नाम का एक याजक था जो अबिय्याह के दल से था और उसकी पत्नी हारून के वंश की थी जिसका नाम इलीशिब अथा। वे दोनों परमेश्वर के सामने धर्मी थे, और प्रभु की सारी आज्ञाओं और विधियों पर निर्दोष चलते थे। उनके कोई भी संतान नहीं थी, क्योंकि इलीशिबा बांझ थी, और वे दोनो बूढे थे। वे दोनों अपने जीवन की कमी के बारे में प्रार्थना करते थे। परमेश्वर ने उनकी प्रार्थनाएं सुनी और उन्हें आशीष देना चाहता था। दूसरी तरफ एक दूसरा चमत्कार हुआ। मरियम इलीशिबा से मिलने गई जो यूहन्ना बपतिस्मा को गर्भ में लिए हुए थी, जो परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह का अग्रदूत था। मरियम ने इस संसार में उद्धारकर्त्ता यीशु को जन्म दिया। हां, वे दोनों परमेश्वर के सामर्थ से गर्भवती हुईं। जब वे दोनों एक दूसरे से मिलीं, तब इलीशिबा ने मरियम को आशीष देते हुए कहा, धन्य है वह जिस ने विश्वास किया कि जो बातें प्रभु की ओर से उससे कही गईं, वे पूरी होंगी। 
इन दो महिलाओं के विश्वास को देखें। इलीशिबा बहुत ही बूढी थी। फिर भी जब परमेश्वर ने उसे आशीष देने का निर्णय कर लिया तो उसने विश्वास के साथ आशीष पाई और अपने जीवन में परमेश्वर की योजना को पूरा किया। उसी तरह से मरियम ने भी परमेश्वर की योजना को यीशु को अपने गर्भ में लेकर पूरा किया। उसी तरह से आप भी परमेश्वर की बुलाहट को अपने जीवन में पूरी करें। जैसे कि ये दो स्त्रियां विश्वास की स्त्रियां थीं, इसलिए उन्होंने सब से उत्तम आशीषों का आनन्द उठाया। वे धन्य स्त्रियां बन गईं। यदि आप भी अपने जीवन को परमेश्वरपर विश्वास करके बनाएंगी तो आप अपनी कमी और समस्याओं पर जयवंत होंगे जैसे कि पवित्रशास्त्र की प्रतिज्ञा कहती है, ‘‘जो कुछ परमेश्वर से उत्पन्न हुआ है, वह संसार पर जय प्राप्त करता है, और वह विजय जिस से संसार पर जय प्राप्त होती है हमारा विश्वास है।’’ (1 यूहन्ना 5:4)
Prayer:
प्रिय यीशु,

जब आप पृथ्वी पर थे, तो आप ने स्वर्ग में पिता को प्रार्थना करते थे और परमेश्वर की योजना को पूरी की। मुझे भी विश्वास में खडे रहने का अनुग्रह दें और जो आपने मेरे लिए आशीषें रखी हैं उन्हें विरासत में लूं। मेरे भविष्य के जीवन में जो मैं यत्न करूं उसे आगे बढाएं। मैं अपनी सारी योजनाओं को आपके हाथों में सौंपती हूं। आपकी इच्छा मुझ में और मेरे द्वारा पूरी हो। आपके वचनों पर मेरा विश्वास बढाएं। मुझ में से रत्ति भर का अविश्वास भी हटा दें। मेरे मन को नया करें और मुझे एक आशीषित भाग में अगुवाई करें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करती हूं, आमीन!

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