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Stella dhinakaran

भलाई करें!

Sis. Stella Dhinakaran
30 Jun
भलाई करना परमेश्वर की दृष्टि में सुखदायक है। उसे यह भावता है। हां, जब हम उसके अनुग्रह से दूसरों की भलाई करने की कोशिश करते हैं तो यह परमेश्वर को भावता है। जब हम उसको प्रार्थना करते हैं तो वह हमें एक ऐसा ईश्वरीय मन देता है जिससे कि हम दूसरों के भलाई कर सकें। प्रभु इस वचन के अनुसार हमें आशीष देगा, ‘‘जो कोई मांगता है वह पाता है।’’ (मत्ती 7:8) हां, प्रभु हमारे जीवनों में भले कार्य करने का अनुग्रह हमें देता है। बाइबल कहती है, तो उसने उद्धार किया; और यह धर्म के कामों के कारण नहीं, जो हम ने आप किए, ‘‘पर अपनी दया के अनुसार नए जन्म के स्नान और पवित्र आत्मा के हमें नये बनाने के द्वारा हुआ, यह बात सच है, और मैं चाहता हूं कि तू इन बातों के विषय में दृढता से बोले इसलिए कि जिन्होंने परमेश्वर पर विश्वास किया है, वे भले-भले कामों में लगे रहने का ध्यान रखें।’’ (तीतुस 3:5,8) परमेश्वर अपने अनुग्रह से हमारा उद्धार इसलिए करता है कि हम भलाई करें।

एक विशेष स्त्री थी जो हमेशा आनन्दित और हंसमुख रहती थी। एक दिन जब वह उदास हो गई तो एक गरीब महिला उससे मिलने आई। उस गरीब महिला को उसे इस तरह से देखकर धक्का लगा और उसने उस स्त्री से पूछा, मैं ने तुम्हें इतनी उदास पहले कभी नहीं देखा। तुम्हें क्या हुआ है? उस स्त्री से पूछा, तुम क्या हुआ? उस गरीब मित्र ने आगे पूछा। उसने उस के हाथ में दो रूपए थमाए और वहां से चल दी। उस समय उसके पास केवल यही पैसे थे। हां, इतने ही पैसों की उसे उस समय जरूरत थी और उससे वह आनदित हो गई परन्तु वह गरीब मां कितनी भली थी जो उसके हाथ में था उसे दे दिए। हां, यही एक भला मन है जो उसने किसी भी अपेक्षा बिना मदद की। जब हम उन लोगों के साथ भलाई करके उन्हें दिलासा दिलाते हैं जो निराश हैं, तब प्रभु निश्चय हमारे साथ आनन्दित होगा और हमें बहुतायत से आशीष देगा।
प्रियजन, यदि आप का हृदय कठोर है और आप ने अपने जीवन में अब तक कोई भी भला कार्य नहीं किया है तो अब से कुछ न कुछ भलाई का कार्य करना शुरु कर दें। थके बिना भलाई करें। तब प्रभु आपको बहुतायत से भरपूर आशीष देगा। जक्कई नाम का एक व्यक्ति था; वह एक चुंगी लेनेवाला व्यक्ति था और बहुत धनी था। वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन है परन्तु वह नाटा था और वह भीड में उसे देखने में असमर्थ था। जब यीशु वहां से गुजरने वाला था इसलिए वह उसे देखने के लिए एक गूलर के पेड पर चढ गया। जब यीशु उस स्थान पर पहुंचा, उसे ऊपर देखा और उससे कहा, ‘‘जक्कई, झट तुरंत नीचे आ जाओ। आज तुम्हारे घर पर रहना आवश्यक है।’’ इसलिए वह तुरंत नीचे आ गया और उसका आनन्द के साथ आदर सत्कार किया। जक्कई उठ कर खडा हो गया और प्रभु से कहने लगा, ‘‘हे प्रभु, देख, मैं अपनी आधी संपति कंगालों को देता हूं और यदि किसी का कुछ भी अन्याय करके ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।’’ तब यीशु ने उससे कहा, ‘‘आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिए कि यह भी अब्राहम का पुत्र है क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूढने और उनका उद्धार करने आया है।’’ (लूका 19:2-10) जब प्रभु ने जक्कई का उद्धार किया तब उसका जीवन उलटा पुलटा कर दिया और उसने दूसरों के लिए भले कार्य किए। इस प्रकार परमेश्वर का उद्धार हमारे जीवनों को बदलता है जिससे कि हम उसके बाद केवल भले कामों में सरगर्म रहें। 
Prayer:
पराक्रमी उद्धारकर्त्ता!

आज से मुझे आपका दिव्य मन दें कि दूसरों के साथ अच्छा करूं। आपके वचन के अनुसार मुझ पर अनुग्रह करें कि मैं थके बिना दूसरों की भलाई करूं। आपकी दृष्टि में जो लाभकारी और भला है वही कामों को करने और उस पर चलने में मेरी मदद करें। यीशु के नाम में, मैं आसुओं से निवेदन करती हूं, हे पिता, आमीन

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