Loading...
Dr. Paul Dhinakaran

देने में आशीष!

Dr. Paul Dhinakaran
23 Feb
देने से आपको खुशी प्राप्त होती है और परमेश्वर की आज्ञा पूरी होती है। हां, परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रसन्न होता है। (2 कुरिन्थियों 9:7) परमेश्वर से क्या पाने की कुंजी आपको जो है उसमें से देना। क्या हम यह बाइबल में नहीं पढते, ‘‘दिया करो, तो तुम्हें भी दिया जाएगा। लोग पूरा नाप दबा दबाकर और हिला हिलाकर और भरता हुआ तुम्हारी गोद में डालेंगे, क्योंकि जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिए भी नापा जाएगा।’’ (लूका 6:38) यह केवल पैसों की बात नहीं है परन्तु करुणा और उत्साहना के शब्द भी हैं। आप अपनी योग्यताओं को दूसरों के लिए उपयोग करने में, आपके अधिकार को चारों ओर के लोगों और देश के लिए भलाई करने से होती है। आप जिस को हाथ लगाएं उसने वह आपको आशीष देने के लिए गंभीरता से तैयार है। आज आपका हाथ किस में है? परमेश्वर को दें जिससे वह उसे बढाए। यूहन्ना 6:1-14 में बाइबल कहती है,कि एक छोटा लडका जिसने यीशु को पांच रोटी और दो छोटी मछलियां दी और उसके द्वारा एक बडी भीड को खिलाया। 

विलियम कोलगेट को एक सफल व्यापार था। उसका कारण क्या था? इतिहास कहता है कि जब वे सोलह वर्ष की उम्र के थे तब उन्होंने न्यू योर्क शहर में एक नौकरी खोजने अपना घर छोड कर चले गए। उन्होंने पहले साबून के उत्पादन  की कम्पनी में काम किया था। जब उन्होंने कनाल नांव के कप्तान से कहा जिसमें वे यात्रा में न्यू योर्क शहर में साबून बनाने की योजना बना रहे थे, एक व्यक्ति ने उन्हें सलाह दी कि न्यू योर्क में कोई बहुत ही जल्द साबून का उत्पादन करने जा रहा है, वो तुम भी हो सकते हो। परन्तु तुम्हें इस वास्तविकता को कभी नहीं भूलना होगा कि यह परमेश्वर के द्वारा तुम्हें दिया गया है। जो कमाते हो उसमें से उसका आदर करने के लिए बांटों। जो कुछ तुम कमाओ उसका दशमांश उसे देना शुरु करें। विलियम कोलगेट ने तब जाना कि परमेश्वर ही सभी चीजों का स्रोता हैजो उसके पास है और उसके साथ उसे उत्पादन को बनाने की सामग्रियां उपयोग की जाएंगी उसे भी परमेश्वर देता है। यब विचार उन्होंने अपने मन में रखकर पहले ही दिन से अपनी बहुत ही कम आय से दशमांश देना शुरु किया। उनकी प्रतिदिन के दशमांश की ईमानदारी से उनका व्यापार बढने लगा और उन्होंने जितना अधिक दशमांश दिया उतना ही उनका व्यापार बढता चला गया और वे एक करोडपति बन गए। 
प्रभु जिसने आकाश और पृथ्वी को अपनी सुंदरता और आश्चर्य से अपने उत्तम उपाय, बुद्धि, योग्यता और लोगों को भर दिया वैसे ही वह आप को भी भर देगा। आपको कोई भली वस्तु की घटी न होगी। अपनी समझ का सहारा न लेना वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। (नीतिवचन 3:5) जब आप ऐसा करेंगे तो परमेश्वर आपकी ओर कदम बढाएगा और वह आपको देश के लिए एक आशीष बनाएगा। जैसे कि आप अपने हाथों को राज्य और लोगों को बनाने के लिए खोलेंगे, तब आप अपने जीवन पर आशीष के स्रोते को उमण्डता हुआ देखेंगे। बाइबल प्रतिज्ञा देती है, उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है और जो दूसरों की खेती को सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी। (नीतिवचन 11:25)
Prayer:
प्रिय पिता,

आज मेरे पास जो कुछ है उसमें से दूसरों को आशीष देने के लिए चुनता हूं। मेरा जो कुछ भी है दूसरों को आशीष देने में कुछ अर्थ रखे। हे प्रभु मेरा समय, मेरी योग्यता, धन सम्पत्ति सब कुछ दूसरों की आशीष के लिए है। मेरे अंदर आपके राज्य में देने की इच्छा उत्पन्न करें और मुझ में आप बढें। यीशु के नाम में, मैं प्रार्थना करता हूं, आ
मीन!

For Prayer Help (24x7) - 044 45 999 000