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Evangeline Paul Dhinakaran

आशीष पाने के लिए निश्चिंत रहें!

Sis. Evangeline Paul Dhinakaran
07 Sep
सूर और सैदा के प्रदेश से कनानी जाति की एक स्त्री यीशु के पास आई और उसे पुकारा, ‘‘हे प्रभु! दाऊद की संतान, मुझ पर दया कर! मेरी बेटी को दुष्टात्मा बहुत सता रहा है।’’ पर यीशु ने उसे कोई उत्तर न दिया। इसलिए उसके चेले उसके पास आकर विनती की, ‘‘इसे विदा कर, क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती हुई आ रही है।’’ उसने उत्तर दिया, इस्राएल के घराने की खोई हुई भेडों को छोड मैं किसी के पास नहीं भेजा गया। पर वह आई, और यीशु को प्रणाम करके कहने लगी, ‘‘हे प्रभु, मेरी सहायता कर।’’ उसने उत्तर दिया, ‘‘लडकों की रोटी लेलर कुत्तों के आगे डालना अच्छा नहीं।’’ उसने कहा, ‘‘सत्य है प्रभु, पर कुत्ते भी वह चूरचार खाते हैं, जो उनके स्वामियों की मेज से गिरते हैं।’’ इस पर यीशु ने उसको उत्तर दिया, ‘‘हे स्त्री, तेरा विश्वास बडा है। जैसा तू चाहती है, तेरे लिए वैसा ही हो।’’ और उसकी बेटी उसी घडी से चंगी हो गई क्योंकि वह उससे मांगती रही और उसे पूरी तरह से निश्चय था कि परमेश्वर के पास जो कोई भी विश्वास के साथ आता है, वह उसे उत्तर देने में समर्थ है, वह जिस चंगाई की अपेक्षा कर रही थी उसने पाई।

त्रिची से रेबेक्का प्रभाकर नाम की एक बहन की ऐसी ही गवाही को देखें: मैं एक निजी स्कूल में एक शिक्षिका हूं और मेरे पति एक कम्पनी में काम करते हैं। हम ने 2000 वर्ष में शादी की। कई अव्रषों तक हम नि:संतान थे और इसलिए हम ने कुछ डॉक्टरों से सलाह ली और कई वर्षों तक इलाज कराते रहे। 2010 तक हमारे इलाज के द्वारा भी कोई परिणाम न निकला, हम निराश हो गए और इलाज कराना बंद कर दिया। हम त्रिची में यीशु बुलाता है प्रार्थना भवन व्यक्तिगत रूप से गए और प्रार्थना मध्यस्थों को हमारी संतान की आशीष के लिए प्रार्थना कराई। उन्होंने हमारे लिए गंभीरता रूप से प्रार्थना की। हम ने प्रार्थना के लिए प्रार्थना भवन जाना शुरु कर दिया। मेरे पति की बहन रीना को भी शादी के चार सालों से कोई संतान की आशीष न थी। मैं ने न केवल अपने लिए बल्कि अपनी ननंद के लिए भी प्रार्थना कराई। प्रभु ने मेरी शादी के 14 वर्षों के बाद गर्भ की आशीष दी। 2015 को मैं ने एक सुंदर बच्ची को जन्म दिया। तीन महीनों के बाद प्रभु ने मेरी ननंद को भी एक बच्चे की आशीष दी। प्रभु ने हमारे परिवार को दो अनमोल छोटे बच्चों को हमें देकर आनन्दित किया। परमेश्वर को महिमा मिले। 
यदि आपकी परिस्थिति असम्भव लगती हैं, यदि आप प्रार्थना में विश्वास करते हैं तो आप निश्चय उत्तर पाएंगे। यीशु कहता है, ‘‘इसलिए मैं तुम से कहता हूं कि जो कुछ तुम प्रार्थना करके मांगो, तो प्रतीति कर लो कि तुम्हें मिल गया, और तुम्हारे लिए हो जाएगा।’’ (मरकुस 11:24) परमेश्वर के पास जो कोई आता है वह हर एक को उत्तर देने के लिए विश्वासयोग्य है। कभी कभी वह कहता है, ‘‘हां’’, कभी ‘‘नां’’ और कभी ‘‘प्रतीक्षा’’ करने के लिए कहता है। चाहे किसी भी प्रकार का परमेश्वर से उत्तर पाना ही कितना अनमोल है। हमें केवल यही करना है कि विश्वास करेम और मांगे। हमें परमेश्वर के पीछे चलना है और उस कनानी स्त्री के समान निराश न होकर मांगते ही रहना है। परमेश्वर न केवल हमें उत्तर देता है परन्तु हमारे विश्वास की तारीफ करता है।
Prayer:
प्रेमी प्रभु,

मेरी परिस्थिति के बारे में अपने वचन के द्वारा मुझ से बातें करें और अपनी इच्छा को मुझे बताएं। मैं एक चमत्कार के लिए आप पर भरोसा रखती हूं। आपके पास जो कोई भी आया आपने उन्हें चंगा करके उन्हें उत्तर दिया उसी तरह से आप भी मेरे जीवन में आश्चर्यकर्म करें। मैं आपको तब तक खोजता रहूंगी जब तक आपकी आशीष को पा न लूं। मेरी प्रार्थना को सुनने के लिए आपको धन्यवाद। मैं ये प्रार्थना यीशु के नाम में, मांगती हूं। आमीन!

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