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Stella dhinakaran

मदद करने में पराक्रमी!

Sis. Stella Dhinakaran
09 Jun
सारपात नामक एक जगह थी जहां पर एक विधवा रहती थी। उसका एक बेटा था और वे गरीबी में अपने दिन काट रहे थे। उस दिन वह विधवा लकडी बीन रही थी जो थोडा सा आटा और तेल था जिसकी वह रोटी बनाकर दोनों खा सकें। इस परिस्थिति में, भविष्यद्वक्ता एलिय्याह जिसको परमेश्वर ने उसके पास भेजा था। वह बहुत ही गरीब थी और अगले समय के लिए उसे खाने के लिए कुछ भी नहीं था। फिर भी प्रभु ने उसे एक मेहमान के रूप में भेजा। महिलाओं को अकसर ऐसी परिस्थितियों का सामना करना ना पसंद होता है क्योंकि यह स्वाभाविक है। हमारी कठिन परिस्थिति में परमेश्वर हमारी परीक्षा लेता है कि हमारी समर्पणता से हमें आशीष दे सके। विधवा ने अपनी स्थिति को भविष्यद्वक्ता से कही, लेकिन जब उसने आज्ञा दी तो वह आज्ञाकारिता बनी। कई बार जब परमेश्वर हमें कुछ करने को कहता है तो हमारे अंदर बहुत सी शंकाएं आ जाती है जो हमें अशांत और परेशान करती है परन्तु हमें अपनी अगुवाई के लिए परमेश्वर के वचन को पढना चाहिए। विधवा ने सोचा होगा कि उस रोटी के बाद उन्हें खाने के लिए शायद कुछ भी न होगा इसलिए परमेश्वर के जन की आज्ञा मानने की कोशिश करते हैं और देखते हैं कि परमेश्वर क्या करता है और इसलिए उसने अपने मन के क्षेत्र में से विश्वास से एक कदम उठाया।

कई वर्ष पहले, हमारे छोटे से परिवार के लिए कम खर्च में भरपूर खाना बना रही थी। उस समय मेरी बहन भी मेरे साथ थी। अचानक अपेक्षित मेहमान आ गए और मैं नहीं जानती थी कि क्या करूं। लेकिन मैं परमेश्वर से प्रार्थना कर रही थी और उनके लिए खाना परोसा। क्या ही आश्चर्य! उस दिन मैं ने सौ प्रतिशत ऐसा अनुभव किया कि परमेश्वर अपने पुकारनेवालों को कभी भी नहीं त्यागता जो उस पर भरोसा रखते हैं। सब के खाने के बाद मैं ने बाकी खाने को उठाया। मेरी बहन ने भी अपनी चिंता जाहिर की कि कैसे इस स्थिति को तालमेल किया जाएगा। हां, प्रभु ने ऐसा किया। यह एक साधारण घटना है परन्तु मैं इस चमत्कार को कभी भी भूल नहीं पाऊंगी जो प्रभु ने उस दिन किया। हां, परमेश्वर का प्रेम त्यागे हुओं, विधवाओं और मांओं की अगुवाई करने में समर्थ है जो आंसू बहाती है। इसलिए हमें कुडकुडाना नहीं चाहिए परन्तु प्रभु की ओर देखना चाहिए, जो अपने कर्त्तव्य को पूरा करने में कभी भी नहीं हटता और आशीष देता है। 
जिस परमेश्वर ने पांच रोटी और दो मछलियों से पांच हजार लोगों को खिला सकता है वह आज भी जीवित है और परमेश्वर का वचन कहता है कि वह कल, आज और युगानुयुग एक सा है। (इब्रानियों 13:8) वह कभी नहीं बदलता। आपकी परिस्थितियां बदल सकती हैं और आप एक चमत्कार की आशा रखते होंगे। परमेश्वर निश्चय आपकी कमी को पूरी करेगा और आपके विश्वास को बलवंत करेगा। इन पलों में ही परमेश्वर हमारे विश्वास को दृढ करता है। बाइबल कहती है, इसलिए प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवंत बनो। (इफिसियों 6:10) हम अपनी आशा को सर्वव्यापी परमेश्वर पर रखें। वह पराक्रम में सामर्थी है और उसके लिए कुछ भी सम्भव नहीं है। आज आपका मन किस बात से परेशान है? क्या आप चिंताओं से चारों ओर घेरे हुए हो? मैं आपको उत्साहित करती हूं कि आप आंखे बंद करके सत्य पर भरोसा रखें कि परमेश्वर हमारे लिए सब कुछ पूरा कर सकता है। तब न केवल शांति आपके मन में भरेगी परन्तु परमेश्वर से आप बहुत ही जल्द एक चमत्कार पाएंगे। मैं आप से गवाही सुनने के लिए प्रतीक्षा करूंगी।
Prayer:
प्रिय प्रभु यीशु,

आप तो कल, आज और युगानुयुग एक से हैं। मेरे पास जो थोडा है उसे आप बढाएं और उसे मेरी जरूरतों को पूरी करने के लिए अधिकता से दें जो मेरे समझ से बाहर है। मैं विश्वास करती हों कि आप सर्वव्यापी हैं। आप बहुतायत आशीषों से मुझे तृप्त करेंगे। आप ही केवल अपने अद्भुत प्रावधान के द्वारा मेरे विश्वास को बढाएं और मुझे विश्वास में जड पकडने में मेरी मदद करें। मुझे आपकी और आपकी उपस्थिति मेरे जीवन से भी अधिक जरूरत है। आपके वचन को मानने में मेरी मदद करें और मेरे हर कदम में आपका हाथ मेरी अगुवाई करे।

आपके अतुलनीय नाम में मैं प्रार्थना करती हूं, आमीन!

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