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Dr. Paul Dhinakaran

अतिरिक्त आशीषें!

Dr. Paul Dhinakaran
06 Sep
अठाइस वर्ष पहले मैं जवान लडके के रूप में,अपने दादाजी के साथ मछली बाजार गया। उन दिनों हम ऐसी आर्थिक कमियों से गुजर रहे थे कि मेरे दादाजी सस्ते सौदे के द्वारा मछली खरीदते थे। मछली का वजन लेने के बाद वे बेचनेवाले से कुछ मछली ऊपर से देने के लिए कहते और वह बेचनेवाला भी कुछ एक मछली ऊपर से देता था, जो वास्तव में खरीदे हुए दाम के अतिरिक्त मिलता था। यह अतिरिक्त तौल हमें आनन्दित करती थी। हम घर वापस संतुष्टि से आते थे कि मछली बेचनेवाले ने दो छोटी मछलियों को मुफ्त में दी है।परन्तु जब परमेश्वर मिलाता है, उसका अतिरिक्त तौल इतना अत्यधिक होता है कि हम उसे अपने घर उठाकर ले जाने में असमर्थ होते हैं। वह ऐसे महत्त्वपूर्ण अनुग्रह के साथ देता है कि हम उसको तौल नहीं सकते। मित्र, आज के दिन आप जो कुछ परमेश्वर से मांगेगे, वह आपको अतिरिक्त आशीष मिला देगा। हां, आप के मांगने से भी अधिक आशा की हुई ‘अतिरिक्त आशीषें’ मिलाएगा। हमारा परमेश्वर आपको अपने प्रेम से ताज्जूब कराता है। हां, जब आप पहले उसके राज्य और उसकी धार्मिकता को खोजेंगे, तो वह आपके जीवन में अधिक आशीषें मिलाएगा।

आइए मैं आपको चेन्नई से आनन्दा सेलवम नाम के एक भाई की गवाही को बांटता हूं। मैं उस परिवार में जन्मा, पला और बडा हुआ हूं जो मसीह के प्रेम को नहीं चखा है। मेरे परिवार का निर्वाह करने के लिए मुझे एक चाय की दुकान थी। इस छोटे से व्यापार में भी मैं ने एक के बाद एक हानियों का सामना किया और मैं लगभग एक कंगाल बन गया। मैं नहीं जानता था कि क्या करूं या कहां भागूं। यह मेरे दुखों की स्थिति थी। परन्तु अब से छ: या सात महीने पहले मेरे एक मित्र ने यीशु बुलाता है सेवकाई का परिचय दिया और प्रार्थना के लिए मुझे डॉ डी जी एस दिनाकरन स्मारक प्रार्थना भवन में व्यक्तिगत रूप से बुलाया। वहां की प्रार्थना से परमेश्वर की शांति मेरे अंदर भरनी शुरु की गई। यद्यपि मेरे पास इतने पैसे नहीं थे, मेरे हाथ में केवल एक बार के बस की टिकट का पैसे होते थे, और मैं प्रार्थना भवन जाया करता था। मैं अपनी पत्नी और बच्चों के साथ प्रार्थना भवन के कार्यक्रमों में भाग लेना शुरु किया। इस तरह से मैं ने प्रभु की निकटतम संगति से बढना शुरु कर दिया और उसने मुझे आशीष देनी शुरु कर दी। मेरे हाथों में कोई भी पैसे न होने के कारण अब मैं आर्थिक रूप से भी आशीष बन गया। प्रभु ने मुझे एक अच्छी नौकरी और दो पहिए की दो गाडियां एक मेरे लिए और दूसरी मेरी पत्नी के लिए से आशीषित किया। हम ने एक जमीन को खरीदा है और अपना घर बनाना शुरु कर दिया है। मैं नियमित रूप से प्रार्थना भवन सेवकाई में अपनी भेंटे देता हूं। सारी महिमा परमेश्वर को मिले।
परमेश्वर ने उसकी कमी के स्तरों को अतिरिक्त आशीषों में बदल दिया है। वही परमेश्वर आपकी आवश्यकता से अधिक आशीष देगा। आपको शायद मूल आवश्यकताओं की जरूरत होगी परन्तु परमेश्वर आज आप से कहता है कि वह आपको उमण्डती हुई आशीषों में बदलेगा। बाइबल कहती है, अब जो ऐसा सामर्थी है कि हमारी विनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है। (इफिसियों 3:20) आप को केवल एक चीज करना है कि आप परमेश्वर को खोजें और उसके मार्गों को अपने जीवन में सर्वप्रथम रखें। तब आप परमेश्वर की आशीषों की उत्तमता का अनुभव पाएंगे। इसलिए हियाव बांधें। 
Prayer:
प्रेमी प्रभु,

मेरे जीवन में अपनी अतिरिक्त आशीषों को देने की इस प्रतिज्ञा के लिए आपको धन्यवाद। मुझ पर अनुग्रह करें कि मैं आपको प्रथम स्थान दूं जिससे कि आपकी अतिरिक्त आशीषें पा सकें। मेरे मन को ऊपर की वस्तुओं पर बनी रहे और मेरी मदद करें कि मैं हर काम में आपको प्रसन्न रख सकों। आपका वचन मेरे अंदर खुशी लाता है। ये प्रार्थना मैं यीशु के नाम में मांगता हूं, आमीन!

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